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Wednesday, September 14, 2016

हिन्दी दिवस - भाषा, बोली, लिपि, व्याकरण, साहित्य

भाषा, बोली, लिपि, व्याकरण, साहित्य, Language, Dialect, Script, Grammar, Literature

भाषा - Language

भाषा के द्वारा बोलकर, सुनकर, लिखकर और पढ़कर मन के विचार और भाव अभिव्यक्त किए जाते हैं और समझे जाते हैं।

'भाषा विचारों और भावों के आदान-प्रदान का प्रमुख साधन है।'

भाषा के द्वारा बोलकर और लिखकर अपने विचार और मन के भाव प्रस्तुत किए जाते हैं तथा सुनकर और पढ़कर दूसरों के विचार और भावों को समझा जाता है।


भाषा के रूप  - Kinds of Language

भाषा के मुख्य दो रूप होते हैं -

(क) मौखिक भाषा - Oral Language

मुख या मुँह से बोली जाने वाली भाषा मौखिक भाषा कहलाती है। इसे उच्चरित भाषा और कथित भाषा भी कहते हैं। भाषण और बातचीत मौखिक भाषा के रूप हैं। मौखिक भाषा अस्थायी होती है।

(ख) लिखित भाषा - Written Language

मन के विचारों और भावों को लिखकर प्रस्तुत करना ही लिखित भाषा कहलाती है। लिखित भाषा स्थायी और संग्रहणीय होती है। पुस्तक लिखित भाषा का ही रूप है।


हिन्दी तथा अन्य भारतीय भाषाएँ - Hindi and Other Indian Language

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 के अनुसार 'हिन्दी' भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकृत किया गया है। 14 सितम्बर, सन् 1949 ई. को संविधान सभा की बैठक में हिन्दी भाषा को राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया था। इसके अतिरिक्त संविधान में अन्य 17 भारतीय भाषाओं को मान्यता प्रदान की गई है। ये भारतीय भाषाएँ हैं - संस्कृत, बंगाली, पंजाबी, गुजराती, मराठी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, असमिया, कोंकणी, उड़िया, कश्मीरी, मणिपुरी, नेपाली, सिंधी और उर्दू।


बोली - Dialect

भाषा विस्तृत क्षेत्र में बोली जाती है। जबकि बोली का क्षेत्र सीमित होता है। यह किसी विशेष इलाके या कस्बे में ही बोली जाती है। इसका कोई लिखित रूप नहीं होता और ना ही इसका कोई लिखित साहित्य होता है। हरियाणा की भाषा हिन्दी है। इसके कुछ भागों में बांगड़ू बोली जाती है। बांगड़ू एक प्रकार की बोली है। इसी प्रकार हिन्दी बिहार की भाषा है। इसके भागलपुर इलाके में अंगिका बोली जाती है। अंगिका बोली है।

हमारे पूरे भारतवर्ष में लगभग 1652 भाषाएँ और बोलियाँ बोली जाती हैं। भारत में कुछ विदेशी भाषाएँ, जैसे - अंग्रेजी, पुर्तगाली और फ्रेंच आदि भी बोली जाती हैं।


भारत के प्रदेशों और केन्द्रशासित/संघशासित राज्यों में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएँ

राज्य - भाषाएँ

आन्ध्र प्रदेशतेलुगु, उर्दू
अरुणाचल प्रदेशहिन्दी, अंग्रेजी, असमिया, निस्सी, डफला
असोमअसमिया, बंगाली
बिहार - हिन्दी
पश्चिम बंगाल ( बंगाल ) बंगाली, हिन्दी
छत्तीसगढ़ - हिन्दी
गोवामराठी, कोंकणी, पुर्तगाली, अंग्रेजी
गुजरातगुजराती, हिन्दी
हरियाणा - हिन्दी
हिमाचल प्रदेशहिन्दी, पहाड़ी
जम्मू-कश्मीर - कश्मीरी, उर्दू, लद्दाखी, डोगरी, पंजाबी
झारखण्ड - हिन्दी
कर्नाटक - कन्नड़
केरल - मलयालम
मध्य प्रदेश - हिन्दी
महाराष्ट्रमराठी, हिन्दी
मणिपुरमणिपुरी, अंग्रेजी
मेघालयखासी, गारो, आदिवासी, अंग्रेजी
मिजोरममिजो, आदिवासी, अंग्रेजी
नागालैण्डअसमिया, अंग्रेजी, आदिवासी
ओडिशाउड़िया, हिन्दी
पंजाबपंजाबी, हिन्दी
राजस्थानहिन्दी, राजस्थानी
सिक्किमहिन्दी, भूटिया, नेपाली, आदिवासी
तमिलनाडु - तमिल
तेलंगानातेलुगु, उर्दू
त्रिपुरात्रिपुरी, असमिया, बंगाली, मणिपुरी
उत्तर प्रदेश - हिन्दी
उत्तराखण्डहिन्दी, पहाड़ी, गढ़वाली, कुमायूँनी


केन्द्रशासित राज्य

राज्य - भाषाएँ

अंडमान-निकोबार द्वीप समूह - हिन्दी, बंगाली, तमिल, मलयालम
चण्डीगढ़हिन्दी, पंजाबी
दादरा एवं नगर हवेली - हिन्दी, गुजराती, मिली, भिलोडी
दमन और दीव - मराठी, गुजराती, हिन्दी
दिल्लीहिन्दी, पंजाबी, उर्दू, अंग्रेजी
लक्षद्वीप समूह - मलयालम, आदिवासी
पांडिचेरीतमिल, तेलुगु, मलयालम, फ्रेंच


लिपि - Script

'भाषा को लिखने का तरीका या ढंग ही लिपि कहलाता है।'

संसार भर की लगभग हर भाषाएँ अलग-अलग लिपियों में लिखी जाती हैं। हिन्दी भाषा की लिपि देवनागरी ( Devnagri ) है। संस्कृत, मराठी, नेपाली आदि भारतीय भाषाएँ भी देवनागरी लिपि में लिखी जाती हैं। उर्दू भाषा की लिपि फारसी है। पंजाबी भाषा को गुरुमुखी लिपि में लिखा जाता है। जबकि अंग्रेजी भाषा की लिपि रोमन ( Roman ) है।


व्याकरण - Grammar

'किसी भाषा का शुद्ध रूप का ज्ञान ही व्याकरण कहलाता है।'

व्याकरण एक शास्त्र है। इसके नियमों द्वारा भाषा का शुद्ध रूप निर्धारित होता है। किसी भी भाषा के ज्ञान के लिए उसके व्याकरण को जानना अति आवश्यक होता है।


साहित्य - Literature

भाषा के माध्यम से ज्ञान प्राप्त किया जाता है। जबकि उसी भाषा में लिखा गया और कहा गया ज्ञान का भण्डार साहित्य कहलाता है। श्लोक, कविता, उपन्यास, नृत्य-संगीत, चिकित्सा, इतिहास, भूगोल, विज्ञान आदि विषय ज्ञान के भण्डार हैं। इन विषयों का संचित कोष साहित्य है। कई युगों से संचित ज्ञान साहित्य है।
साहित्य का वास्तविक अर्थ होता है, हिट के साथ यानि जो सभी का भला करता है। साहित्य युगों से समाज के कल्याण का कार्य करता आ रहा है।